ओ प्यारी-प्यारी मां
तू जग से न्यारी मां




बादलों पर घर बनाना
चाहता हूं।।




हम मिले, मिलते रहे,
पर मन




हर.घड़ी आज तक
आजमाती रही।।




ज़िन्दगी की दौड़ मे
बस वही आगे रहा।